नोटबंदी का भारतीय अर्थव्यवस्था पर कितना हुआ असर

नोटबंदी का भारतीय अर्थव्यवस्था पर कितना हुआ असर

8 नवंबर को जब प्रधानमंत्री ने नोटबंदी का ऐलान किया था , तब ये अटकले लगाई जा रही थी कि अर्थव्यवस्था पर इसका काफ़ी बड़ा असर हो सकता है. लेकिन भारत सरकार के आंकड़े ऐसा नहीं बता रहे हैं . चीफ स्टेटिशियन टीसीए अन्नत द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक साल 2016-17 की तीसरी तिमाही में- यानी अक्टूबर से दिसंबर 2016 के बीच विकास दर 7 फ़ीसदी रहने की उम्मीद है. इस पूरे साल की अनुमानित विकास दर 7.1 फ़ीसदी बताई जा रही है. जबकि साल 2015-16 में ये दर 7.9% थी.
नोटेबंदी के बाद से खेती में बढ़ोतरी दिख रही है , हालांकि माइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग में थोड़ी गिरावट है. 2016-17 में खेती की अनुमानित विकास दर बीते साल के 0.8% से बढ़कर 4.4% हो गई है. हालांकि मैन्युफैक्चरिंग में 10.6% की विकास दर इस साल 7.7% रहने का अनुमान है. कंस्ट्रक्शन में भी मामूली बढ़ोतरी है- 2.8% से बढ़कर 3.1%. नोटबंदी के बाद कई अर्थशास्त्री ने ये दावा किया था कि नोटबंदी के बाद अर्थव्यवस्था में भारी गिरावट आ जाएगी . और ये भी कहा गया कि नोटबंदी का सबसे बुरा असर कृषि और कंस्ट्रक्शन सेक्टरों पर पड़ेगा लेकिन तीसरी तिमाही के ताज़ा आंकड़ों ने ये साबित कर दिया है कि नोटबंदी से अर्थव्यवस्था को कोई भारी नुक्सान नहीं हुआ है.

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