Lord Shiva Stories जानिए शिव जी की संतान से जुडा खास रहस्य

Lord Shiva Stories जानिए भगवान शिव जी की संतान से जुडा खास रहस्य

शिव या महादेव त्रिदेवों में एक देव हैं। इन्हें देवों के देव भी कहते हैं। इन्हें भोलेनाथ, शंकर, महेश, रुद्र, नीलकंठ,गंगाधार के नाम से भी जाना जाता है। आइये जानते है कैसे हुआ शिवजी के इन पुत्रो का जन्म। Lord Shiva Stories

भगवान शिव को सबसे रहस्यमयी माना जाता है, ऐसा ही एक रहस्य है उनके पांच पुत्रो का जिसके बारे मे लोग कम ही जानते है। भगवान कार्तिकेय और गणेश जी को भगवान शिव के पुत्रो के रुप मे जाना जाता है, लेकिन क्या आप जानते है भगवान शिव के तीन पुत्र और थे।

शिवजी के इन पुत्रो .. lord shiva son names

अंधक –

एक बार भगवान शिव और पार्वती प्रेम क्रिडा मे मग्न थे, देवी पार्वती ने भगवान शिव की आंखें मुंद दी इससे सृष्टि मे अंधकार छा गया, और भगवान शिव का शरिर तेज से गर्म होने लगा, तभी शिव जी के शरिर से गिरे पसिने की बुंद से एक अंधा बालक प्रकट हुआ ! जन्म से अन्धा होने की वजह से यह अंधक कहलाया। बाद मे हिरण्याक्ष नामक असुर की तपस्या से प्रसन्न होकर शिव जी ने अंधक को हिरण्याक्ष को दे दिया ! जो बाद मे अंधकासुर कहलाया। अंधकासुर के मन मे देवी पार्वती के प्रति काम भावना जागने पर स्वयं महादेव ने इसका वध कर दिया।

Jalandhar Shiva
Jalandhar Shiva

अंगारक –

अंगारक को मंगल ग्रह के रुप मे भी जाना जाता है। वैसे कुछ कथाओं मे अंगारक को भगवान विष्णु के द्वारा उत्पन्न हुए देवता के रुप मे भी बताया गया है।

अयप्पा –

पौराणीक कथाओं के अनुसार भष्मासुर से भगवान शिव की रक्षा के लिए भगवान विष्णु ने मोहिनी रुप धारण किया ! मोहिनी और भगवान शिव ने उस समय अयप्पा को प्रकट किया कुमार कार्तिकेय की तरह अयप्पा भी दक्षिण दिशा मे बस गए थे !

श्री गणेश Lord ganesha

  • देवी पार्वती अपने पसिने और मिट्टी से एक बालक का निर्माण किया था, जिसे स्नान करते समय स्नान गृह के बाहर पहरेदारी के लिए खडा कर दिया ! जब भगवान शिव कही से आये और स्नान गृह के समिप ज्यो ही पहुंचे वह बालक ने उन्हे रोक दिया, ओर वहां से प्रस्थान कर जाने का आदेश दिया ! लेकिन भगवान शिव इस अवहेलना से क्रोधित हो गए, और उन्होने आवेश मे आकर बालक का सिर धड से अलग कर दिया ! जब देवी पार्वती ने अपने द्वारा निर्मित पुत्र का हाल देखा तो उन्होने क्रोधित होकर पुरी श्रृष्टि की संहार करने की चेतावनी दी, तब शिव ने गज (हाथी ) का सिर उस बालक मे लगाकर उसे जिवित कर दिया ! गज का मुख लगा देने के बाद बालक का नाम गणपति पड गया !
    Lord Ganesh images
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कार्तिकेय –

भगवान शिव के सबसे बडे पुत्र जो किशोरावस्था मे ही कैलाश छोडकर दक्षिण भारत चले गए थे, दक्षिण भारत मे भगवान कार्तिकेय को मुरुगन स्वामी के नाम से जाना जाता है !!

Lord Kaartikeya
Lord Kaartikeya

भूमा-

कहते हैं कि भगवान् एक बार जब तपस्या कर रहे थे तब उनके शरीर से पसीने की बुँदे धरती पर गिरी थी. इन बूदों से पृथ्वी ने एक चार भुजाओं वाले बालक को जन्म दिया था. जो भूमा के नाम से जाना गया. बाद में यही भूमा मंगल लोक के देवता के नाम सी भी जाना गया.

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