26 दिसंबर 2019 को सूर्य ग्रहण mein कर लें ये काम नया साल गुजरेगा शानदार

कर लें ये काम नया साल New Year 2020 गुजरेगा शानदार

भारत में सूर्योदय के बाद इस वलयाकार सूर्यग्रहण को देश के दक्षिणी भागों जैसे कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के कई हिस्सों में देखा जा सकेगा. इसके अलावा भी देश के कई राज्यों में आंशिक सूर्यग्रहण दिखाई देगा. इस सूर्य ग्रहण की खास बात यह है कि इसे भारत में भी देखा जा सकेगा.

🌗 चन्द्रग्रहण और सूर्यग्रहण के समय संयम रखकर जप-ध्यान करने से कई गुना फल होता है। श्रेष्ठ साधक उस समय उपवासपूर्वक ब्राह्मी घृत का स्पर्श करके ‘ॐ नमो नारायणाय’ मंत्र का आठ हजार जप करने के पश्चात ग्रहणशुद्ध होने पर उस घृत को पी ले। ऐसा करने से वह मेधा (धारणाशक्ति), कवित्वशक्ति तथा वाकसिद्धि प्राप्त कर लेता है।

🌗 देवी भागवत में आता हैः सूर्यग्रहण या चन्द्रग्रहण के समय भोजन करने वाला मनुष्य जितने अन्न के दाने खाता है, उतने वर्षों तक अरुतुन्द नामक नरक में वास करता है। फिर वह उदर रोग से पीड़ित मनुष्य होता है फिर गुल्मरोगी, काना और दंतहीन होता है। अतः सूर्यग्रहण में ग्रहण से चार प्रहर (12 घंटे) पूर्व और चन्द्र ग्रहण में तीन प्रहर ( 9 घंटे) पूर्व भोजन नहीं करना चाहिए। बूढ़े, बालक और रोगी डेढ़ प्रहर (साढ़े चार घंटे) पूर्व तक खा सकते हैं। ग्रहण पूरा होने पर सूर्य या चन्द्र, जिसका ग्रहण हो, उसका शुद्ध बिम्ब देखकर भोजन करना चाहिए।

Surya Grahan (Solar Eclipse) 2019: 26 december 2019

कब और किन-किन जगह लग रहा है सूर्य ग्रहण ?

वर्ष का तीसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण 26 दिसंबर 2019 को लगेगा। यह वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा, जो भारतीय समयानुसार सुबह 08:17 से लेकर 10: 57 बजे तक रहेगा। यह ग्रहण भारत के साथ पूर्वी यूरोप, एशिया, उत्तरी/पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया और पूर्वी अफ्रीका में दिखाई देगा।

26 दिसम्बर 2019 को सूर्यग्रहण यह ग्रहण उत्तर भारत में खंडग्रास व दक्षिण भारत में कंकणाकृति के रूप में नजर आएगा | (मुंबई व सूरत में ग्रहण सुबह – 08:04 से 10:56 तक)

🌗 ग्रहण वेध के पहले जिन पदार्थों में कुश या तुलसी की पत्तियाँ डाल दी जाती हैं, वे पदार्थ दूषित नहीं होते। जबकि पके हुए अन्न का त्याग करके उसे गाय, कुत्ते को डालकर नया भोजन बनाना चाहिए।

🌗 *ग्रहण के स्पर्श के समय स्नान, मध्य के समय होम, देव-पूजन और श्राद्ध तथा अंत में सचैल(वस्त्रसहित) स्नान करना चाहिए। स्त्रियाँ सिर धोये बिना भी स्नान कर सकती हैं।

🌗 ग्रहणकाल में स्पर्श किये हुए वस्त्र आदि की शुद्धि हेतु बाद में उसे धो देना चाहिए तथा स्वयं भी वस्त्रसहित स्नान करना चाहिए।

मान-सम्मान में होगी वृद्धि

🌗 ग्रहण के समय गायों को घास, पक्षियों को अन्न, जररूतमंदों को वस्त्र और उनकी आवश्यक वस्तु दान करने से अनेक गुना पुण्य प्राप्त होता है।

🌗 ग्रहण के समय कोई भी शुभ या नया कार्य शुरू नहीं करना चाहिए।

🌗 ग्रहण के समय सोने से रोगी, लघुशंका करने से दरिद्र, मल त्यागने से कीड़ा, स्त्री प्रसंग करने से सूअर और उबटन लगाने से व्यक्ति कोढ़ी होता है। गर्भवती महिला को ग्रहण के समय विशेष सावधान रहना चाहिए।

🌗 ग्रहण के समय गुरुमंत्र, इष्टमंत्र अथवा भगवन्नाम जप अवश्य करें, न करने से मंत्र को मलिनता प्राप्त होती है।

ग्रहण देखने से बचें

गर्भवती महिलाओं को ग्रहण नहीं देखना चाहिए। माना जाता है कि इससे महिलाओं के लिवर और आंखों को बहुत अधिक हानी होती है। साथ ही गर्भ में पर रहे बच्चे को भी त्वचा से जुड़ी किसी तरह की परेशानी हो सकती है। यदि संभव हो तो ग्रहण के बाद गर्भवती महिलाओं को स्नान कर लेना चाहिए।

भारतीय संस्कृति सभ्यता एवं परम्परा से जुडी बातें भी पढ़ें :

  1. कर्ज उतारने के अचूक उपाय How to Debt Free
  2. 2020 Festivals Holidays list भारत के प्रमुख व्रत पर्व और त्यौहार
  3. Lord Shiva’s के दर्शन Darshan
  4. राजमा खाने के ये फायदे Health Benefits of Red Kidney Beans
  5. जानिए पौराणिक काल में चर्चित श्राप और उनके पीछे की कहानी
  6. महाकाल डेली दर्शन श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग जी का भस्म श्रंगार मंगला आरती दर्शन

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: